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प्रकृति के प्रति इतनी लगन ,जानकर हेरान हो जायेंगे आप ,जानिए इनके बारे में कोन है ये?

आपका नाम अशोक जी पाटीदार है आप मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बिलपांक गांव में रहते है । प्राकृतिक कृषि आपका पेशा है ।आपकी एक संस्था है बिले फॉउंडेशन जो विशेषकर जैव विविधता के संरक्षण व संवर्धन तथा पंच महाभूतों के हमारे दैनिक जीवन एवं कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों के अध्ययन के लिये प्रयासरत है ।

आपने २० वर्षो तक माँ नर्मदा की सेवा की है लगतार २० वर्षो से अपने नर्मदा के तटो को कचरा मुक्त बनाया है तथा नर्मदा के किनारों पर बसों गाँवों में लोगो को नदियों के प्रति जागरूक किया ! खासकर गाँव में एसा होता था की मृत पशुओ को माँ नर्मदा में बहा दिया जाता था जिससे नर्मदा का पानी गन्दा व् विशेला हो जाता था उन गाँवों में नदियों के प्रति आपके जागरूकता अभियान प्रेरनादायी है

इतने वर्षो तक नर्मदा की सेवा करने के बाद अपने पत्रक गाँव में आकर पहले स्वयं प्राकृतिक खेती करके लोगो को यह विश्वास दिलाया की आज के ज़माने में भी हम प्राकृतिक खेती कर सकते है और मनुष्य की जीवनौध्हर केवल प्राक्रतिक खेती से ही संभव है ,केमिकल खेती से आज कितनी तरह की बिमारिय उत्पन्न हो गयीं है तथा आज का मनुष्य जीवन १०० से कम हो कर ७० पर ही पहुँच गया है आज आप अपने जिले की किसानो को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे है

जैसा की आप देख सकते हैं गर्मी का सीजन लगभग शुरू हो चुका है गर्मी के सीजन में हमारे बहुत सारे पक्षी भूख और प्यास से मारे जाते हैं इसलिए मनुष्य होने के नाते ही हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि हम उनके लिए पानी और दाने की व्यवस्था करें ,हमने हमारे घर पर मोर, कबूतर तथा कई अन्यान्य प्रकार के पक्षियों के लिए दाना और पानी रखा है आप देख सकते है और मिट्टी के बर्तन का ही उपयोग करें । विशेषकर आप गौरेया का घोषला घर पर बहुत आराम से बना सकते है । यह काम मैने अपने घर के बच्चो को दे रखा है । संस्कार के साथ बच्चों की पर्यावरण के प्रति समझ भी विकसित होगी । आज कल शहरी जीवन के पक्के घरो में गौरेया के अंडे टूटने या गिरने का भय रहता है । यह चिड़िया स्वाभाविक रूप से जंगल मे नही, हमारे आवास स्थलों में रहने की आदि है ।

यह दुर्लभ चिड़िया न केवल विलुप्ति के कगार पर अपितु अपने अस्तित्व के लिये संघर्षरत है । इन्हें अपने वंश संरक्षण हेतु आपकी सभी प्रकार से मदद चाहिये ।

कृपया इन निरीह पक्षियों की मदद कीजिये ,आपके पास गौरेया को लेकर किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या है तो आप अशोक जी साझा कीजिये । ताकि वह आपकी पक्षियों के प्रति आपकी जो भी समस्या हे उसको दूर कर सके
सादर धन्यवाद ।

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