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क्या है नागरिक संशोधन बिल?कुछ बुद्धिजीवी इसका विरोध क्यों कर रहे

सरकार”नागरिक संशोधन बिल” जनता को समझने में सफल रही फिर ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा है,यह सरकार का प्रचार तंत्र जाने की कहां खांमी है। फिलहाल जानिए कि नागरिकता संशोधन विधेयक क्या है?—-

पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बंगलादेश में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन के खिलाफ हिंसा होते रही है। इन्हें बल पूर्वक इस्लाम धर्म स्वीकार कराया जाता रहा है। अकेले पाकिस्तान में हिन्दूओं की आबादी 14 प्रतिशत से घटकर तीन प्रतिशत पर आ गई है। इन आए हुए शरणार्थियों हिंदुओं में से सबसे ज्यादा संख्या अनूसूचित जातीयों की है।इसी धार्मिक शोषण से मुक्ति के लिए यह विधेयक लाया गया है


नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 के माध्यम से सरकार अवैध घुसपैठियों की परिभाषा की फिर से व्याख्या करना चाहती है।इसके जरिए नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन कर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का किया गया प्रावधान है। इसके आलावा, इस विधेयक में 11 साल तक लगातार भारत में रहने की शर्त को कम करते हुए 6 साल करने का भी प्रावधान है। जबकि नागरिकता अधिनियम, 1955 के मुताबिक वैध पासपोर्ट के बिना या फर्जी दस्तावेज के जरिए भारत में घुसने वाले लोग अवैध घुसपैठिए की श्रेणी में आते हैं।

परंतु इस नागरिक संशोधन बिल का विपक्ष ने विरोध किया और यह राज्यसभा में पास नहीं हो सका इसका बहुत खेद है।

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