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प्राणायाम क्या है और विश्व को यह किसने दिया है ?

सबस पहले हम प्राणायाम के बारे में जानते है की प्राणायाम क्या है ?

प्राणायाम योग के आठ अंगो में से एक है प्राणायाम =प्राण+आयाम! इसका शब्द का अर्थ है प्राण अर्थात स्वसन को लम्बा करना या प्राण जीवन शक्ति को लम्बा करना

आयाम के तिन अर्थ है प्रथम दिशा और द्वितीय योगाअनुसार नियंत्रण या रोकना ,तृतीय विस्तार या लम्बा करना! प्राणों को टीक टीक गतिसे आयाम देना यही प्राणायाम है

जब हम स्वास लेते हे तो जो भीतर की और जा रही हवा पञ्च भागो में बट जाती है या कहेतो शारीर में पांचजगह जाकर रुक जाति है

इससमे मन में जागरण आता है , मन शांत रहता है स्म्रतिय सुरक्षित रहती हैतथा शारीर का रक्षण व् शरण होता रहता है

प्राणायाम करने से मांस , आंत, गुर्दे, मस्तिष्क , स्वास नाली , स्नायुतंत्र , खून, आदि सभी प्राणायाम से सुद्ध व् पुष्ट रहते है और शारीर मर कोई रोग नहीं होता है

आब बात करते है की प्राणायाम के जन्मदाता कोन है-

आज का युग एसा हे जिसमे श्रेय लेने की होड़ लगी है सभी देशो के बिच में ,लेकिन अभी दो दिन से विश्व में बहस छिड़ी हे , अमेरिका कह रहा हे की प्राणायाम का सबसे पहले उपयोग हमारे यहाँ हुआ हे लेकीन यह सब अब दुनिया देख रही है की भारत में योग और प्राणायाम से कितनी बीमारियों को टीक किया जा रहा है और पुराने इतहास में जब अस्पताल और डॉक्टर नहीं हुआ करते थे जब भारत में योग और प्राणायाम का उपयोग करके सभी तरह की बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता था

प्राणायाम उद्गम अथवा जन्मदाता भारत ही है

सबसे पहले दुनिया में कही योग और प्राणायाम उपयोग हुआ तो भारत देश ही है यहाँ की सभ्यता ही योग पर आधारित थी वेदों में ये सारी बाते आज भी लिखी हे की भारत में पहले किस बीमारी का इलाज कीस प्राणायाम या योग से किया जायेगा, आज भारत के ग्रंथो में ये सारी बाते लिखी है जो समय के साथ में लोग भूलते गये लें जब विश्व में बड़ी बड़ी बीमारियों प्रकोप पश्चिम की तरफ से आया तो भारत में जो लोग सन्यासी के रूप भोतिक जीवन से दूर रहकर जीवन व्यापन कर रहे थे तो उन्होंने उन ग्रंथो तथा अपनी तपस्या और तप से उन पुँरानी क्रियाओ को खोजा और सम्पूर्ण मानव जीवन को सुरक्षित रखने के लिए फिर से समाज को वो सब सोप रहे है जिससे ये मानव जीवन सुरक्षति रहे !h

आज पुरे विश्व को भारत ने योग दियाइस चकाचोंध और व्यस्त ज़िन्दगी में लोग अपना परिवार भूलते जा रहे हे तथा इस थकन भरी जिंदगी से परेशां होकर ओना गुस्सा परिवार पर निकलते है जिससे परिवार बहुत छोटे होते जा रहे , इन सब समस्याओ का हल भारत ने प्राणायाम के माध्यम से दिया हे जिसे meditation भी कहा जाता हे जो सिर्फ पांचमिनिट रोज करने से बीमारी से दूर,,तनाव रहित ,और स्वस्थ जीवन जीना सिखाता है

पुरे विश्व को भारत की इस देंन को विश्व ने भी सराहा है और पांच जून को विश्व योग दिवस के रूप में पूरी दुनिया मनाती है !

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